सामाजिक

क्षणिक आरक्षण नेताओं का रोजगार बन गया

काका ने राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र में आरक्षण की दवा को रोग से भी ज्यादा खतरनाक करार दिया है। अम्बेडकर एवं पटेल आरक्षण को अल्प समय की दवा मानते थे और जातिवाद के घोर विरोधी थे।  आरक्षण निजी स्वार्थ के लिए सामाजिक एकता को विखंडित करने की राजनीतिक कोशिश है। मनमोहन सिंह और मोदी […]

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अपार्टनेन्ट की हिलातीं जड़ें

एपार्टमेंट कल्चर पर सवालिया निशान लगा था। बहुमंजिली इमारतों के संभावित खतरों को हम नजरअंदाज करते रहे हैं, जागरूकता के प्रयासों को ठेंगा दिखाते रहे हैं। अब हकीकत झेलिये: बी बी रंजन

सामाजिक

देश में हताशा है, आत्महत्या की प्रवृति बढ़ी है

हालिया नेशनल हेल्थ प्रोफाइल से भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की रिपोर्ट से पता चला है कि स्वास्थ्य सेवा हमारी सरकारों की प्राथमिकता नहीं हैं। वर्षों से डॉक्टरों की कमी है। सार्वजनिक अस्पतालों का बुरा हाल है। मनोरोग फैल रहा है और 2000-2015 के बीच भारत में आत्महत्या करनेवालों की संख्या में 23 प्रतिशत […]

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सोनाडीह गैंग रेप पर दलित ठेकेदारों की चुप्पी

दलित गुंडों द्वारा सोनाडीह में नारी की अस्मत की लूट पर चुप हैं दलित राजनीति के ठेकेदार श्याम, उदय, रमई और जीतन। सोनाडीह में चिकित्सक की पत्नी से गैंगरेप और बेटी से बदसलूकी के मामले में दलित गुंडों के नाम आये हैं। सोनाडीह क्षेत्र के दलित गुंडों की गुंडागर्दी का इतिहास पुराना है, लेकिन शोषण […]