राजनीति

86 बस्तियों की नाराजगी तय करेगी रघुवर का भाग्य

कल जमशेदपुर पूर्वी सीट की 86 बस्तियों को नियमित करने को लेकर रघुवर दास की 5 वर्षों की वादाखिलाफी से नाराज मतदाता यदि सरयू राय की ओर मुखातिब हुए तो रघुवर की करारी शिकस्त होगी।

पूर्वी जमशेदपुर की सीट पर रघुवर के लिए मुश्किल बने सरयू खुद को भाजपाई साबित करने में सफल रहे हैं। उन्होंने चुनाव जीतकर पुनः भाजपा का ही दामन थामने का संदेश दिया है। काँग्रेस की सहयोगी जेएमएम और जदयू ने उनका समर्थन कर लड़ाई को मुश्किल बना दिया है। सरयू राय की नीतीश कुमार से मित्रता है और प्रशांत किशोर के आई पैक की 50 सदस्यीय टीम पूर्वी जमशेदपुर में उनके लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री के कार्यकलापों से भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के अतिरिक्त एक बड़ा खेमा नाराज है। वह सरयू राय के साथ खड़ा है।

झारखंड की जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा सीट से सरयू राय का टिकट रघुवर दास ने काट दिया तो सरयू राय जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा सीट से पाँच बार चुनाव जीत चुके रघुवर के खिलाफ खड़े हो गए। इस सीट पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ भी चुनाव लड़ रहे हैं।

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