राजनीति

मनोज तिवारी सीएम पद की रेस में आगे

अमित शाह के चहेते मनोज तिवारी दिल्ली भाजपा के सर्वाधिक महत्वपूर्ण सीएम चेहरा हैं और अरुण जेटली की मौत के साथ ही विजय गोयल का दावा कमजोर पड़ गया है। दिल्ली में 40 लाख प्रवासी भारतीयों की उपस्थिति ने पंजाब-वैश्य की उपस्थिति को पछाड़ दिया है। विजेंद्र गुप्ता और डॉक्टर हर्षवर्धन के अतिरिक्त दिवंगत साहिब […]

राजनीति

मुकुल रॉय, संजय सिंह और सम्राट चौधरी देख रहे राज्यसभा की राह

महाराष्ट्र के नारायण राणे से हरियाणा में बीरेंद्र सिंह और सपा नेता नीरज शेखर जैसे दलबदुओं भाजपा राज्यसभा भेजती रही, मंत्री बनाती रही, लेकिन टीएमसी के मुकुल रॉय और काँग्रेस के संजय सिंह प्रतीक्षा में हैं। नारदा स्टिंग और शारदा चिटफण्ड में फँसे तृणमूल काँग्रेस के मुकुल रॉय दलबदल के दो वर्षों बाद भी टकटकी […]

वित्तीय

अब देश में 27 कई जगह 12 बैंक

बकौल वित्तमंत्री देश में वैश्विक आकार के बड़े बैंकों का निर्माण करना है, इसलिए बैंकों का विलय किया जा रहा है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक के साथ विलय की घोषणा की है। विलय के बाद पीएनबी सार्वजनिक क्षेत्र का दूसरा बड़ा बैंक बनेगा। […]

राजनीति

माफिया अब सबसे बड़े देशभक्त?

– बी बी रंजन दारू-बालू, हफ्ता, अपराध, बलात्कार और देह की मंडी में आधुनिक देशभक्त ज्यादा सक्रिय हैं। अच्छे लोगों पर बुरे लोग हावी हैं। तीन फीट की अनुमति, लेकिन 15 फीट तक बालू खनन पानी के संकट को गहरा गया। ऐसे लोग देशभक्ति का भोंपू बड़ा तगड़ा बजाते हैं। हालाँकि इनके मतों का कोई […]

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हम मानसिक रूप से गुलाम है

* बी बी रंजन राजाओं को झेलते-झेलते मुगलों और अंग्रेजों की अधीनता ने हमारे अंदर गुलामी में जीने की संस्कृति भर दी है। जो आज कांग्रेस के निंदक हैं, भाजपा के समर्थक हैं, वही कल काँग्रेस के गुलाम थे। परिस्थिति बदली नहीं है। वही लोग आज सिर्फ दल का नाम बदलकर भाजपा के गुलाम हो […]

राजनीति

बिहार: भाजपा से राजद के गुप्त समझौते की पक्की खबर है

तेजस्वी की पहली प्राथमिकता मुकदमों से राहत पाना है, लालू प्रसाद को जेल से छुड़ाना है, इसलिए भाजपा के दबाव में राजद उपेन्द्र कुशवाहा के बहाने जदयू से कोई समझौता नहीं करेगा। अकेले चुनाव का एलान करनेवाली जीतनराम माँझी की पार्टी का जदयू में विलयन हो सकता है। ‘सन ऑफ मल्लाह’ राजनैतिक स्थायित्व की ललक […]

राजनीति

राजनीति के दुर्लभ मिशाल का अंत

राजनीति के दुर्लभ मिशाल का अंत हो गया है। सुषमा स्वराज का असामयिक निधन हतप्रभ कर गया है। कल कश्मीर को लेकर उनके जीवन की बड़ी इच्छा पूरी हुई। इस ऐतेहासिक मसले पर सदन चला, लेकिन सुषमा स्वराज उसका हिस्सा नहीं हो सकीं। आज महान व्यक्तित्व का अंत हो गया।