राजनीती

सोमनाथ की घटना हिंदू राजनीति की मूर्खता की हद

हद कर दी आपने     गैर-हिंदू के रजिस्टर में अहमद पटेल के साथ राहुल गांधी का नाम लिख देने से बवाल मचा है। स्वतन्त्र भारत की बागडोर हिन्दू प्रधानमंत्री को सौंपने की गांधी-नेहरू की सोच के पीछे आजादी को सच्चे अर्थों में प्राप्त करने की मानसिकता थी। इस उद्देश्य से ही जिन्ना को हासिये […]

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तेजप्रताप की लालू शैली अर्थात 90′ के दशक में बिहार

संभवतः नब्बे के दशक में बिहार को वापस लाने की जिम्मेदारी लालू प्रसाद ने तेजप्रताप को सौपी है। लालू प्रसाद अपने विरोरोधियों को अपने भाषण से डरा-धमकाकर  अपनी राजनीति मजबूत करते थे। अब तेज प्रताप यादव को विरासत मिली है और लालू प्रसाद उनका समर्थन करते हैं। तेज प्रताप बिना किसी खास संदर्भ के सूमो और […]

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बिहार में शराब माफिया का बढ़ता मनोबल

सुशासन को तमाचा गरीबों के तथाकथित मसीहा लालू प्रसाद के लोकतांत्रिक उत्तराधिकारी तेजप्रताप की ‘छाल उधेड़ने’ की अमर्यादित भाषा में समस्तीपुर में शराब माफियाओं की ओर से चलनेवाली एके- 47 की गोली से पुलिस जवान अनिल कुमार की मौत शराबबंदी की एक बानगी है, समस्तीपुर में शराब माफियाओं के खिलाफ अनिल कुमार की मौत सुशासन […]

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गुजरात: भाजपा को लाभ पहुँचाने की मुहिम में जदयू

बिहार में भाजपा के साथ मिल कर सरकार चला रही जनता दल यू ने गुजरात में एक सौ सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। कुछ दिन पहले तक कहा जा रहा था कि पार्टी प्रतीकात्मक रूप से पांच या दस सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यह भी कहा जा रहा था कि बिहार के […]

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कांग्रेस से हमेशा दूरी रखनेवाले पाटीदार अब भाजपा के लिए समस्या

1980 के दशक में  तत्कालीन मुख्यमंत्री माधव सिंह सोलंकी ने क्षत्रिय, हरिजन, आदिवासी और मुसलमानों को मिलाकर खाम नामक एक मज़बूत सामाजिक गठजोड़ बनाया था। इस गठजोड़ से पाटीदारों को दूर रखा गया था और प्रारम्भ से ही कांग्रेस से एक हद तक दूरी बनाकर चलनेवाले पाटीदार खाम के गठन के बाद कांग्रेस के खिलाफ […]

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अब गुजरात में जादू और प्रबंधन का मतलब संसाधन और पैसा

गरीब प्रत्याशियों के हाथों से बाहर हो गयी भारतीय राजनीति     आजाद भारत के इतिहास पहली बार पचास हजार मतदान केंद्रों में घर-घर पहुंचने का जो रोडमैप बना है और यह लाव-लश्कर के साथ यात्रा की संभावित खर्च से रोंगटे खड़ा कर देता है। प्रमोद महाजन के फ़ॉर्मूले पर लड़ा जानेवाले गुजरात चुनाव में कार्यकर्ताओं […]

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पालीगंज: क्वेक्स के हाथों हुई थी महिला की मौत,

पालीगंज के एम कुमार और दुल्हिनबाजार केें मगध नर्सिंग होम में झोला छाप चिकित्सक (क्वेक्स) के हाथों हुई थी महिला की मौत, स्थानीय प्रशासन की भूमिका संदेहास्पद। लेकिन भोज-भात में शरीक होनेवाले स्थानीय जनसेवक तो बोल सकते थे। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी जनसमस्याओं पर उनकी चिर चुप्पी क्यों है: बी. बी. रंजन पालीगंज के […]

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उत्कर्ष की शादी में व्यवधान पैदा करेंगे तेजप्रताप और उधर गुजरात में हताश होती कांग्रेस: बी. बी. रंजन

अस्सी के दशक में कांग्रेस के खाम समीकरण यानी क्षत्रिय, हरिजन, आदिवासी और मुस्लिम समीकरण में आदिवासी पूरी तरह से कांग्रेस के साथ थे। कांग्रेस कोआदिवासी नेता छोटू बसवा के लिए पांसीटें छोड़ने की जरूरत नहीं थी। गुजरात में आजादी के बाद आदिवासी कांग्रेस के साथ हैं। दलित कांग्रेस के साथ थी और जिग्नेश जिग्नेश मेवानी […]