Uncategorized

18 दिसंबर को कांग्रेसी ज्वार के पराभव के साथ मोदी की सुनामी निकलेगी

नरेन्द्र मोदी गुजरातियों की आन, बान और शान हैं

कांग्रेस में जब नया अध्यक्ष बनता है तो पार्टी टूटती है

PM Alleges 'Pak Meddling', Rahul Gandhi Says Stick To Gujarat: 10 Points
हार्दिक, अल्पेश, जिग्नेश की उछलकूद और दूर बैठे लालू, अखिलेश और ममता के बयानों से उत्साहित राहुल के दिल में उठ रहा ज्वार-भाटा मतगणना के साथ सपाट होगा। अमित शाह, आनंदीबेन पटेल और विजय रूपानी सरीखे नेता मतदाताओं के लिए मूल्यहीन हैं। इनके साथ प्रायोजित भीड़ और कार्यकर्ता हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी को सुनने और माननेवाली तालीबाज जनता मोदी की भक्ति से लबरेज हैं और इसी विन्दु पर हार्दिक, अल्पेश और जिग्नेश हार जाते हैं।
मोदी को जनता सुनती है, उनके भाषणों में बुलंदी और विकास की प्रामाणिक झलक है, ललकार और हुंकार की युगलबंदी है। उनके नेतृत्व ने गुजरात देश का सर्वाधिक विकसित राज्य बना है, इसलिए नरेन्द्र मोदी गुजरातियों की आन, बान और शान हैं। उनके राज्य में हिन्दू सुरक्षित, विकसित और सशक्त हुए। भाजपा ने पटेलों के 55 से ज्यादा उम्मीदवार खड़े किए हैं।
राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने का शीला दीक्षित ने मणिशंकर अय्यर बहाने एक विरोधी स्वर उछाल दी है। पार्टी के कई बड़े और पुराने नेता असहज हैं। कुछ नेता पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं, कुछ अलग पार्टी बनाने के लिए दूसरे लोगों से बात कर रहे हैं। अभी गुजरात में जीत की प्रतीक्षा है। अगर कांग्रेस गुजरात में अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है तो पार्टी में घमासान बढ़ेगा।
कई पुराने नेताओं को संगठन और कार्यसमिति में जगह मिलाने की क्षीण संभावना से पार्टी टूट सकती है। कांग्रेस में जब नया अध्यक्ष बनता है तो पार्टी टूटती है।
उधर सोमनाथ मंदिर में राहुल का नाम गैर हिंदू रजिस्टर में दर्ज होने, कपिल सिब्बल का राम मंदिर मामले में अदालत में दी गई दलील और तीसरा मणिशंकर अय्यर के ‘नीच’ वाले बयान प्रधानमंत्री पर भी कांग्रेस के अन्दर घमासान मचा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *