राजनीति

सत्ता का खेल, नैतिकता फेल: बी बी रंजन

जेडीएस और कांग्रेस को दोहरे मोर्चे पर। लड़ना पड़ रहा है। कर्नाटक में अंततः सरकार भाजपा की बन सकती है, क्योंकि कांग्रेस भी टूट सकती है।लिंगायत समुदाय के सात विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और यह संख्या बढ़नेवाली हैं। भाजपा पूर्व में भी एक बार छह कांग्रेसी विधायकों को तोड़ चुकी है। भाजपा जेडीएस या कांग्रेस के कुछ विधायकों का इस्तीफा भी करा सकती है। जेडीएस में कुमारास्वामी अलग-थलग भी पड़ सकते हैं और लगभग पूरी पार्टी भाजपा के साथ खड़ी हो सकती है। 

सर्वप्रथम फ्यूरियस इंडिया पर प्रकाशित खबर पर मुहर। येदुरप्पा को आमंत्रण मिला तो हॉर्स ट्रेडिंग के बूते जेडीएस को तोड़ा जा सकता है। अब राज्यपाल और केंद्र के पाले में निर्णय है। महाराष्ट्र के तर्ज पर अभ्यास जारी है।

बहरहाल जेडीएस छोटी पार्टी होने के बावजूद मुख्यमंत्री का सपना देख रही है, लेकिन येदुरप्पा को पहले सरकार बनाने और सदन में बहुमत साबित करने का अवसर मिला तो भाजपा कुमारास्वामी को अकेला कर जेडीएस का पूरा कुनबा बहा ले जा सकती है।

मिलने की मांग कर रही कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल को राज्यपाल ने बैरंग लौटा दिया है। कुमारास्वामी को साढ़े पांच बजे शाम में राज्यपाल से मुलाकात कर रहे हैं। लेकिन, इससे पहले यदुरप्पा राज्यपाल से मिल चुके हैं।भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश कर चुकी है। भाजपा के राज्यपाल पहले मिलनेवाले यदुरप्पा को सरकार बनाने का आमंत्रण दे सकते हैं।

अभी पूरी संभावना है कि भाजपा को सरकार बनाने का पहले आमंत्रण मिलेगा और कर्नाटक में बहुमत जुटाने का सारे गैर लोकतांत्रिक मार्ग अपनाए जा सकते हैं। छोटे दल की जी हुजूरी कांग्रेस ने शुरू कर दी और सत्ता की चाह में कुमारास्वामी सीएम बनने को तैयार हैं। भाजपा तोडफ़ोड़ के बूते सरकार बनाने का दावा पेश कर चुकी है। सरकार बनाने की बेचैनी ऐसी कि पूरा चुनाव परिणाम बाकी है, लेकिन सरकार बनाने का दावा पेश किया जा रहा है।

लोकतंत्र की खतरनाक स्थिति है।

 

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