फ्युरिअस इण्डिया.कॉम उजागर करेगा रियल एस्टेट के कारोबारियों का सच

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फ्युरिअस इण्डिया.कॉम

 

उजागर करेगा रियल एस्टेट के कारोबारियों का सच 

 

जनता की पसीने की कमाई को लुटनेवाले रियल एस्टेट के

कारोबारियों को बेनकाब करेगा फ्युरिअस इण्डिया.कॉम

 

थोरी-सी जमीन खरीद कर बड़ा प्लॉट दर्शाने की रियल इस्टेट वालों की करतूतों को उजागर करना जरूरी है. औने—पौने मूल्यों पर बीच बधार में बंद प्लॉटों की खरीद की जाती है और जमीन को मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ दर्शाया जाता है. दरअसल इन जमीनों का मुख्य मार्ग से कोई लेना—देना नहीं रहता, लेकिन रीयल इस्टेट के लोग जमीन को मुख्य मार्ग से जुड़ा बताते हैं और जमीन को ऊँची कीमत पर बेच देते हैं. जमीन दरअसल किसी लिंक पक्ष या लूप लाइन से जुड़ा होता है. वह लिंक नहर, आहर, पइन या पगडंडी भी हो सकता है। मसलन, चार लाख रूपयों की मूल्य वाली जमीनों की कीमत मुख्य मार्ग से जुड़े होने के कारण पन्द्रह लाख रूपये बतायी जाती है, लेकिन क्रेता को भू—भाग बसने के बाद जब तक बात समझ में आती है तब तक बहुत देर हो जाती है।
कई मामलों में प्लॉट पूरी तरह बंद होता है, लेकिन आसपास की दूसरी परती लम्बी पारी की जमीन को डेवेलॉपर्स अपनी जमीन बताकर ग्राहकों का वारा न्यारा कर देते हैं. डेवेलॉपर्स इस जमीन की बिक्री पूरी तरह सम्पन्न बताते हैं या इस जमीन को पूर्व में ही बुक बतलाते हैं. उनके सिटी प्लान में दूसरे किसानों की जमीनों को भी दिखाया जाता है और उन जमीनों की भारी संख्या में बुकिंग दर्शायी जाती है. दरअसल उपलब्ध दिखलायी गयी जमीन ही डेवेलॉपर्स की होती है, लेकिन एक बड़ा टाउनशिप दर्शाया जाता है. जमीनों की भारी संख्या में बुकिंग का सब्जबाग भी दिखाया जाता है.
जमीन के पेपर्स दिखाने की बात पर डेवेलॉपर्स टालमटोल करते हैं. अपने ऊपर पाँच हजार ग्राहको का भरोसा बतलाते हैं और बिना पेपर देखे ही जमीन खरीद लेते का पाठ पढ़ाते हैं, पेपर की जगह भरोसाा सेे काम चलाने की नसीहत देते हैं. अपने ग्राहको की सूची भी उपलब्ध नहीं कराते.
किसी जानकार ग्राहक से पाला पड़ते ही वे जमीन की बात को टालने लगते हैं और वैसे कस्टमर्स से डील नहीं करते. पेपर्स की माँग करने पर ये लोग कभी जमीन की खरीद कम्पनी के नाम से बतलाते हैं तो कभी किसी व्यक्ति के नाम पर बतलाते हैं. ये लोग फिर हर जमीन के क्रेता को बदल देते हैं और भिन्न—भिन्न प्लॉटों को भिन्न—भिन लोगों के नाम से निबंधित बतलाते हैं. बात जब आगे बढ़ती है तो सिर्फ पसंद की गयी भूमि के कागजात देने पर तैयार होते हैं, लेकिन पूरी भूमि के पेपर्स को दिखाने से साफ इंकार करते हैं. जमीन का मार्ग दिखाने वाली भूमि के कागजात देने पर डेवेलॉपर्स तैयार नहीं होते. फिर बात बदलती है और भूमि बेचने की ऑथोरिटी लेनेवाले किसी अन्य व्यक्ति की बात करते हैं. पावर ऑफ एटॉर्नी के कानून बदल गये, लेकिन डेवेलॉपर्स अभी तक इसका झाँसा दे रहे हैं. जमीन का पावर किसी के पास होने की बात करते हैं. हर क्षण इनकी बात बदलती है. इनके सारे कमी्र भी पूरी तरह फरेब करने की ट्रेनिंग पा चुके होते हैं और उन्हें संभवतः झूठ बोलने और झाँसा देने का ही पैसा मिलता है. इनके लोग एक भी तथ्य नहीं बताते. हर वाक्य में झाँसा दिखता है.
दरअसल लगभग सारे डेवेलॉपर्स एक छोटा—सा रकबा खरीद कर बड़ा स्मार्ट सिटी बसाने का फर्जी खाका खींचते हैं और भोेले—भाले ग्राहकों को मूर्ख बनाकर उनकी मिहनत की गाढ़ी कमाई लूट लेते हैं, औने—पौने कीमत पर खरीदी गयी जमीन को ऊँची कीमत पर बेच डालते हैं. भोले—भाले ग्राहकों से भारी राशि वसूल कर जमीन की खरीद करते जाते हैं और इन्हीं के हाथों महँगी कीमत पर बेच देते हैं. कई बंद प्लॉटों को लेकर ग्राहक पछताते हैं, मुख्य सड़क से जुड़े कई प्लॉट की पगडंडियों से जुड़े होने की वस्तुस्थिति वक्त गुजरने के बाद सामने आती हैै, डेवेलॉपर्स फरार हो चुके होते हैं. यदि डेवेलॉपर्स सामने भी हाें तो उनकी महँगी लक्जरी गाड़ी, उनके बाउंसर्स और उनकी संपत्ति की ताकत के आगे इनकी न तोे चलती है और न ही चलाने के लायक रहते हैं. पैसा का भुगतान कर चुके ग्राहक फर्जी तरीके से इस कदर पेपरों के बंधन में बाँध दिये जाते हैं कि उनके पक्ष में कुछ रह ही नहीं जाता. सिर्फ संतोष करने की मजबूरी उनके जिम्मे बचती है.
डेवेलॉपर्स के इन कारनामों को उजागर करने की जरूरत है. भोले—भाले ग्राहकों को लूटने से बचाने के लिये उन्हें जानकारी उपलब्ध कराने की जरूरत है. हमारी साइट पर क्रेता संभावित हर जमीन के निबंधन की वस्तु—स्थिति देख सकते हैं, उसके फिजिकल वेरिफिकेशन की वास्तविक तस्वीर देख सकते हैं. जमीन पर जानेवाली मार्ग और आसपास के जमीनों के मालिक की वस्तु—स्थिति, उनके बयान और भू—भाग के इर्द—गिर्द के लोगों के बयान से हम रू—बरू कराने की कोशिश करेंगे. हम इन डेवेलॉपर्स के फॅर्जी वृहत् टाउनशिप का पोस्टमॉर्टम भी करेंगे. हम इन भू—भागों का पूर्ण विडियो भी अपने बेवसाइट पर अपलोड करेंगे ताकि हमारे निर्दोष लोग ठगी के शिकार होने से बचें.

 

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