सामाजिक

जन भागीदारी से भगाएं संक्रमण

  1. बहरहाल विदेशों या दूसरे प्रदेशों से लौटकर घरों में छिपे लोगों की सूचना प्रशासन और अस्पतालों तक पहुंचाना आशा कार्यकर्ताओं, अस्पताल प्रबंधन से जुड़े तमाम कर्मियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सजग इंसानों की जिम्मेदारी होगी। डब्ल्यू एच ओ की माने तो लॉक डाउन समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि संक्रमित हो चुके लोगों को खोजना और उनकी जांच कराना ही एक मात्र उपाय है। बकौल डब्लयू एच ओ सिर्फ टेस्ट, टेस्ट और टेस्ट ही कॉरोना को समाप्त कर सकता है, लॉक डाउन के सार्थक परिणाम नहीं मिलेंगे : बी बी रंजन

कई लोग क्वारनटिन होने की सलाह के बाद सड़कों पर दौड़ रहे हैं, भीड़ और पार्टियों का हिस्सा बन रहे हैं। कई लोग दूसरे प्रदेशों या विदेशों से आकर जांच के बिना घरों में दुबक गए हैं या पार्टियों एवं सार्वजनिक जगहों पर संक्रमण फैला रहे हैं। इनकी पहचान मुश्किल हो गई है। और पहचान से पूर्व कई लोगों को संक्रमित कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत या वार्ड प्रतिनिधियों एवं आशा, टोला शिक्षक और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से उन्हें चिन्हित करने की जरूरत है। इसकी सूचना प्रशासन एवम अस्पताल प्रबंधन तक देने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति को अपने पड़ोसियों या गांवों के लोगों के विषय में बाहर से आने की सूचना मिले तो उन्हें संक्रमण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं और तबियत नासाज दिखने की हालत में जांच की सलाह दें।

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