क्या आईसीयू में भर्ती विपक्ष की 2019 में साँसे रूकनेवालीं हैं: बी. बी. रंजन.

NEWS 0 Comment
भाजपा आईसीयू में भर्ती विपक्ष की 2019 में साँसे रोकना चाहती है. कल नरेंद्र मोदी की केदारनाथ में अकेली भगवा तस्वीर राजनीति का नवीकरण है। आमतौर पर सत्ताधारी सरकार में मग्न होता है, लेकिन मोदी राजनीति में।नीतीश कुमार, लालू यादव, ममता बनर्जी, चंद्रशेखर राव, नवीन पटनायक, अरविंद केजरीवाल और केरल की सीपीएम के लिए 2019 पुण्यतिथि साबित होगा: बी. बी. रंजन.

Image result for sonia, rahul. mayawati, akhilesh, arvind kejariwal, nitish, laloo, mamta banerji


आज विपक्ष कॉमा में है और 2019 में सांस रूकनेवाली है। मायावती चरणसिंह, बहुगुणा, राजनारायण की सदगति पानेवाली हैं, कांग्रेस सीपीआई और अरविंद केजरीवाल गोरखा नेता सुभाष घीसिंग, शरद जोशी, आईपीएस जसपालसिंह, महेंद्रसिंह टिकैत की भूमिका में आ गए हैं!
Image result for sonia, rahul. mayawati, akhilesh, arvind kejariwal, nitish, laloo, mamta banerji2014 में एके एंटनी ने सोनिया गांधी से कहा था कि मुस्लिमपरस्ती से कांग्रेस डूबी है, लेकिन सोनिया-राहुल मस्त रहे। हिंदुस्तान लीवर का अहम् रामदेव को चमका गया, बिड़ला की नासमझी बिगेट्स और नारायणमूर्ति को स्थापित कर गया, 1925 में भारत की सबसे मजबूत वामपंथी अपनी जड़ता से विलुप्तप्राय हो गए और 2 सीटोंवाली भाजपा के उभार से सारा विपक्ष कॉमा में चला गया। विपक्ष बहुसंख्यक वोटो का रूझान समझाने में विफल रहा है। 

Image result for sonia, rahul. mayawati, akhilesh, arvind kejariwal, nitish, laloo, mamta banerji

राजनीति में  रणनीति, योजना और पुरूषार्थ से ज्यादा महत्वपूर्ण रोल भाग्य और नियति का है, जो पक्ष-विपक्ष को  बनाता, बदलता है। जनता पार्टी की राजनीति  दिल्ली के डुप्ले रोड के मोरारजी देसाई के सूने घर और भारतीय जनता पार्टी की रानाजिती आडवाणी के सूने फ्लैट से आबाद हुई थी। इसलिए विपक्ष का उदभव और मोदी-शाह का पराभव भी वक्त के अनुसार संभव है, जेपी, अन्ना हजारे पैदा होने की संभावना हमेशा बरकरार है। ब्रिटेन में लेबर पार्टी का नामलेवा नहीं बचा था, लेकिन टोनी ब्लेयर ने मजदूर संघों-वामपंथियों से पिंड छुडाकर पार्टी का नवीनीकरण किया।
लेकिन नरेंद्र मोदी-अमित शाह का रोडमैप, गुजरात में 15 साल की निरंतर सत्ता, सत्ताबल,धनबल, ब्रांडिग, मार्केटिंग और चाणक्य नीति से भाजपा 2019, 2024 और 2029 का चुनाव जीतना चाहती है।  नरेंद्र मोदी, अमित शाह दिन रात राजनीति का नवीकरण कर रहे है। राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अहमद पटेल, नीतिश कुमार, शरद पवार, मायावती और अखिलेश बेहोशी के आकलन की स्थिति में नहीं हैं।  
मुसलमानों के राज की वापसी के लिए गठबंधन मुद्दा बनेगा, मोदी हिंदूओं के सुरक्षा कवच और गरीबों का मसीहा के रूप में उभरेंगे। विपक्ष अपने पुराने अनुभवों से कल्पना की ऊंची उड़ान ले रहा है और यूपी चुनाव में विपक्ष के जगजीवन राम मॉडल का हस्र सामने है। 

 

Leave a comment

Search

फ्यूरियस इण्डिया

Back to Top