सामाजिक

कीटनाशक से जारी मौत सरकार की शिथिलता का परिणाम: बी बी रंजन

कीटनाशकों के प्रयोग से मरने लगे किसान: बी बी रंजन

सन  2015 में कीटनाशकों के प्रयोग से देश में 7060 किसानों की मौत हुई है। एक वर्ष में अकेले महाराष्ट्र में कीटनाशक के प्रयोव से 45 किसान मौत की गोद में समा गए। यह डेटा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो का है।
ऊंची मात्रा में कीटनाशक का प्रयोग दिमाग को प्रभावित करता है। यह गर्भवती महिलाओं के कोख में। पल रहे बच्चों की मानसिक और बौद्धिक प्रगति को रोकनेवाले महत्वपूर्ण कारक है।
भारत में 30 प्रतिशत ऐसे कीटनाशक प्रयोग में हैं, जिनके महज 1 ग्राम की मात्रा मानव के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से रोगग्रस्त करता है।
भारत सरकार किसानों को जागरूक नहीं करती। सरकार के कानून लचीले हैं और उनका पालन भो नहीं किया जाता। अनुपम कमिटी ने 2016 में ही 13 बेहद खतरनाक कीटनाशकों को तत्काल और छह कुछ के खतरनाक कीटनाशकों लो 2020 तक चरणबद्ध तरीके से बंद करने की सिफारिश की थी। पूरे देश में महज 261 कीटनाशक ही निबंधित हैं, लेकिन अनेकों कीटनाशक बाजार में उपलब्ध हैं। कीटनाशकों के खतरों से पशु-पक्षी भी अछूते नहीं हैं।

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